आप भी कहेगे, "जनाब खुद पागल
हो गए हैं". लेकिन दोस्तों ये सच है. जब तक आप अपने लक्ष्य, अपने सपने या वो सारी
चीजे जिन्हें आप पाना चाहते है, को लेकर पागल नहीं बनेगे आप उन्हें नहीं प्राप्त
कर पायेगे. वैसे भी कहा गया है अगर आपको देखकर कोई ये नहीं कहता की “ये पागल हो
गया है” तो आप अपना काम ठीक से नहीं कर रहे है. संसार के सभी महान काम पागलो
ने ही किये है.
आइये, मैं आपको पागल बनने
में आपकी मदद करता हूँ. सबसे पहले आप इस बात पर भरोसा करे की दुनिया में कोई भी
काम असंभव नहीं है. सच में दोस्तों अगर कोई विचार, कोई सपना, कोई लक्ष्य आपके
दिमाग में आता है तो ये मानकर चले की ये पूरा हो सकता है तभी आपके दिमाग में ये
विचार आया है. और अगर वो आपके दिमाग में आया है तो ईश्वर ने उसके लिए प्लेटफ़ोर्म
तैयार कर दिया है.
अब आप कमर कस कर उसे पूरा
करने के लिए तैयार हो जाये. ठान ले कुछ भी हो, मैं इसे पूरा करके ही दम लूँगा.
चाहे कितना भी समय लगे, कुछ भी करना पड़े ( भाई लेकिन काम नैतिक और कानूनी रूप से
सही हो ). लोग आप पैर हँसेगे, लोगो में आपके दोस्त, माता पिता, आपकी पति/पत्नी,
रिश्तेदार, आपके पडोसी, टीचर ,हर तरह के शुभ चिन्तक शामिल हो सकते हैं. कहेगे “पगला
गए हो का”. लेकिन अगर आपको अपने सपनो पर भरोसा है तो आप बिलकुल भी मत डिगे.
ईश्वर आपके लिए रास्ता बनाता चला जायेगा . आपको ऐसे लोग मिलने शुरू हो जायेगे जो
आप के सपनो में भरोसा रखते है और यथा संभव आपकी मदद करेगे.स्टीव जॉब्स, बिल गेट्स , मायकेल देल , रिचर्ड ब्रान्सन , टाटा, सुनील मित्तल , बिरला, प्रेमजी, मूर्ति जी. अम्बानी साहब किसी भी क्षेत्र के व्यक्ति हो जो सर्वोच्च शिखर पैर है वो ‘स्पेशल’ नहीं है. वे किसी दूसरी दुनिया से नहीं है. वो भी हमारी तरह आम इंसान है . फर्क केवल ये है की वे बड़ा और ऊँचा सोचते है. असंभव सोचते है जिन्हें संभव बनाया जा सके. भीड़ से आलग सोचते है.
तो आइये कुछ बड़ा सोचे, अलग सोचे, असंभव सोचे, और पागलो की भीड़ में शामिल हो जाये.
मेरी शुभ कामनाये आपके साथ
है.
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