Friday, November 16, 2012

एक अच्छे इन्सान बने


एक अच्छे पिता, एक अच्छे पुत्र, एक  अच्छे पति और पत्नी, एक अच्छे मित्र, एक अच्छे पडोसी एक अच्छे बॉस, एक अच्छे लीडर, और एक अच्छे नागरिक बनने से पहले एक अच्छा इन्सान बनना जरुरी है. जब आप एक अच्छे इन्सान बनते है तो सारी अच्छी शक्तिया आपकी सफलता में योगदान देना शुरू कर देती है. आपके साथ सब कुछ अच्छा होना शुरू हो जाता है. अगर कोई चुनौती  या समस्या आपके सामने आती भी है तो आप उसे बड़ी आसानी से पार कर जाते है. आपको बहुत से सहयोगी मिल जाते है जो आपको बिना स्वार्थ के आपकी मदद करते है. आप सफल होने लगते है और आपको अच्छा महसूस होता है, आप और अच्छा करते है. सफलता का ऐक चक्र शुरु हो जाता है.
अच्छा इन्सान बनना बड़ा ही आसान है. आपको कुछ छोटी छोटी चीजे करनी है. सबसे पहले अपने अन्दर से इर्ष्या, जलन का त्याग करना है. इर्ष्या मनुष्य की सफलता में बहुत बड़ी बाधा है. ये आपके पास आने वाली समस्त अच्छी शक्तियों को रोक देती है. अतः आपने मन से इर्ष्या का त्याग करे. लोगो ( अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों) की सफलता और ख़ुशी में खुलकर शरीक हो. लोगो की सच्चे मन से खुल कर तारीफ करे. लोगो को उनकी सफलता के लिए मन ही मन आशीर्वाद दे.
लोगो सहायता के लिए यथासंभव तैयार रहे यदि आप कर सकते है तो, बिना किसी स्वार्थ के, बिना किसी अपेक्षा के, बिना किसी लाभ के. आप देखेगे की की जब भी अप किसी मुसीबत या समास्याओ से घिरे हो तो कोई न कोई मदद को आ ही  जायेगा. लोगो के दुःख दर्द को समझे, महसूस करे की  अगर ये घटना मेरे साथ होती तो मैं कैसा अनुभव करता.
हमेशा मुस्कुराते रहे. अजनबियों को देख कर मुस्कुराये, बच्चो को देख कर मुस्कुराये. वे अच्छा महसूस करेगे, आप  अच्छा महसूस करेगे. जब भी आप अच्छा महसूस करेगे आप की कार्य क्षमता बढ़ जाएगी ,
लोगो को माफ़ करना सीखे. ये बड़ा मुश्किल काम है हम हमेशा मौके की ताक में रहते है की हमें कब बदला लेने का मौका मिले. लेकिन दोस्तों इससे द्वेष बढता है  और आप अपनी सफलता के रास्ते में  बाधा डालते है. उन्हें माफ़ करके आप हलके हो जाते है आपकी वैल्यू बढ़ जाती है.
जिन लोगो ने अआपके साथ बुरा किया है अगर वो मुसीबत में है तो आप उनकी सहायता जरुर करे.
आपको ऊपर लिखी बातें मजाक या बकवास लाक सकती है लेकिन दोस्तों ये सच है जब आप अपने आपको मानसिक और अध्यात्मिक तौर से स्वच्छ बना लेते है तो सफलता आपके कदम चूमती है. ईश्वरीय शक्तिया आपका साथ देना शुरु कर देती है आप सफलता, सुख, शांति और समृधि की दिशा में अग्रसर हो जाते है.

Sunday, November 11, 2012

आइये पागल बने!


आप भी कहेगे, "जनाब खुद पागल हो गए हैं". लेकिन दोस्तों ये सच है. जब तक आप अपने लक्ष्य, अपने सपने या वो सारी चीजे जिन्हें आप पाना चाहते है, को लेकर पागल नहीं बनेगे आप उन्हें नहीं प्राप्त कर पायेगे. वैसे भी कहा गया है अगर आपको देखकर कोई ये नहीं कहता की “ये पागल हो गया है” तो आप अपना काम ठीक से नहीं कर रहे है. संसार के सभी महान काम पागलो ने ही किये है.
आइये, मैं आपको पागल बनने में आपकी मदद करता हूँ. सबसे पहले आप इस बात पर भरोसा करे की दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है. सच में दोस्तों अगर कोई विचार, कोई सपना, कोई लक्ष्य आपके दिमाग में आता है तो ये मानकर चले की ये पूरा हो सकता है तभी आपके दिमाग में ये विचार आया है. और अगर वो आपके दिमाग में आया है तो ईश्वर ने उसके लिए प्लेटफ़ोर्म तैयार कर दिया है.
अब आप कमर कस कर उसे पूरा करने के लिए तैयार हो जाये. ठान ले कुछ भी हो, मैं इसे पूरा करके ही दम लूँगा. चाहे कितना भी समय लगे, कुछ भी करना पड़े ( भाई लेकिन काम नैतिक और कानूनी रूप से सही हो ). लोग आप पैर हँसेगे, लोगो में आपके दोस्त, माता पिता, आपकी पति/पत्नी, रिश्तेदार, आपके पडोसी, टीचर ,हर तरह के शुभ चिन्तक शामिल हो सकते हैं. कहेगे “पगला गए हो का”. लेकिन अगर आपको अपने सपनो पर भरोसा है तो आप बिलकुल भी मत डिगे. ईश्वर आपके लिए रास्ता बनाता चला जायेगा . आपको ऐसे लोग मिलने शुरू हो जायेगे जो आप के सपनो में भरोसा रखते है और यथा संभव आपकी मदद करेगे.

स्टीव जॉब्स, बिल गेट्स , मायकेल देल , रिचर्ड ब्रान्सन , टाटा, सुनील मित्तल , बिरला, प्रेमजी, मूर्ति जी. अम्बानी साहब किसी भी क्षेत्र के व्यक्ति हो जो सर्वोच्च शिखर पैर है वो ‘स्पेशल’ नहीं है. वे किसी दूसरी दुनिया से नहीं है. वो भी हमारी तरह आम इंसान है . फर्क केवल ये है की वे बड़ा और ऊँचा सोचते है. असंभव सोचते है जिन्हें संभव बनाया जा सके. भीड़ से आलग सोचते है.
तो आइये कुछ बड़ा सोचे, अलग सोचे, असंभव सोचे, और पागलो की भीड़ में शामिल हो जाये.

मेरी शुभ कामनाये आपके साथ है.

Saturday, November 10, 2012

दर्द के आगे जीत है!


इन्सान हमेशा दर्द से भागता आया है . दर्द, पीड़ा, दुःख ,तकलीफ ,मुश्किलें,कोई भी नहीं चाहता, लेकिन इसी दर्द में अथाह सफलता छिपी है. हर दर्द के बाद एक अनोखे आनंद की प्राप्ति होती है. हर दर्द आपको एक नए अनुभव की और ले जाती है. आप पहले से जयादा अनुभवी , कुशल और आत्मविश्वाशी बन जाते है. तो ऐसा क्यों है की लोग दर्द के प्रति नकारात्मक रवैया क्यों रखते है? क्योकि हमें बचपन से ही दुःख , दर्द और कठिनाइयों के प्रति आहाग किया जाता है. हमें सिखाया जाता है की जिंदगी में आराम, आनंद ओर मौज को अपना उद्देश्य बनाओ. जबकि ये सारी चीजे सफलता के रस्ते में बाधा है.अगर आप अपने आस पास के जीवन का अवलोकन करे तो पाएगें की सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुचने वाले लोगो ने बहुत सारे कठिन हालातो का सामना किया है. सीसे पर दबाव पड़ता है तो चकनाचूर हो जाता है लेकिन वही दबाब लोहे पर पड़ता है तो मजबूत (फोर्ज) हो जाता है. दर्द आपको आपकी हैसियत बताती है. आपको बताती है कि आप कितने पानी में है . इसलिए दर्द , कठिनाइयों और परेशानियों से घबराइए नहीं, इनका सामना करे. इनके समाप्त होने के बाद आप एक नए इन्सान के रूप में उभरेगे. मुश्किल हालत थोड़े समय के लिए होते है लेकिन उसके बाद आप और शक्तिशाली होकर उभरते है. दर्द आपके लिए एक अवसर है. एक मौका हैं अपने आप को साबित करने का.