इन्सान हमेशा दर्द से भागता आया है . दर्द, पीड़ा, दुःख ,तकलीफ ,मुश्किलें,कोई भी नहीं चाहता, लेकिन इसी दर्द में अथाह सफलता छिपी है. हर दर्द के बाद एक अनोखे आनंद की प्राप्ति होती है. हर दर्द आपको एक नए अनुभव की और ले जाती है. आप पहले से जयादा अनुभवी , कुशल और आत्मविश्वाशी बन जाते है. तो ऐसा क्यों है की लोग दर्द के प्रति नकारात्मक रवैया क्यों रखते है? क्योकि हमें बचपन से ही दुःख , दर्द और कठिनाइयों के प्रति आहाग किया जाता है. हमें सिखाया जाता है की जिंदगी में आराम, आनंद ओर मौज को अपना उद्देश्य बनाओ. जबकि
ये सारी चीजे सफलता के रस्ते में बाधा है.अगर आप अपने आस पास के जीवन का अवलोकन करे तो पाएगें की सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुचने वाले लोगो ने बहुत सारे कठिन हालातो का सामना किया है. सीसे पर दबाव पड़ता है तो चकनाचूर हो जाता है लेकिन वही दबाब लोहे पर पड़ता
है तो मजबूत (फोर्ज) हो जाता है. दर्द आपको आपकी हैसियत बताती है. आपको बताती है
कि आप कितने पानी में है . इसलिए दर्द , कठिनाइयों और परेशानियों से घबराइए नहीं,
इनका सामना करे. इनके समाप्त होने के बाद आप एक नए इन्सान के रूप में उभरेगे. मुश्किल हालत थोड़े
समय के लिए होते है लेकिन उसके बाद आप और शक्तिशाली होकर उभरते है. दर्द आपके लिए
एक अवसर है. एक मौका हैं अपने आप को साबित करने का.
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