“बच्चा कहता जब मै बड़ा हो
जाऊंगा. बड़ा होने पर कहता है, जब कमाने लगूंगा. जब कमाने लगता है, तो कहता है,जब
मेरी शादी हो जाएगी. जब शादी हो जाती है, तो उससे क्या फर्क पड़ता है? विचार बदल कर
हो जाते है, जब रिटायर हो जाऊंगा. और जब रिटायरमेंट आता है, तो पीछे मुड़कर देखता
है और उसे ठंडी हवा की कपकपी छुट जाती है, न जाने कैसे उसने सब कुछ गवा दिया और
जीवन पीछे छुट गया. हमें बहुत देर बाद समझ आता है कि जिंदगी हर पल जीने के लिए
होती है, इसलिए हमें हर दिन, हर घंटे जीना चाहिए.
--एडवर्ड एस. एवैंस
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